Hindi Diwas

हिंदी-दिवस समारोह का आयोजन

श्री अरविन्द महाविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से हिंदी दिवस पर हिंदी भाषा और राष्ट्रीय एकता विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया | कार्यक्रम का शुभारंभ दीप-प्रज्वलन और सरस्वती-वंदना से किया गया | तत्पश्चात् मुख्य अतिथि जाने-माने प्रसिद्ध वरिष्ठ पत्रकार, समाजशास्त्री एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर रामशरण जोशी जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी अब सिर्फ कविता, कहानियों की ही भाषा नहीं रह गयी है बल्कि चिंतन की भी भाषा बन चुकी है | प्रोफेसर जोशी ने हिंदी के बढ़ते प्रभाव पर उदाहरण देते हुए कहा कि विदेशों में बहुत सारे विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है | सोशल मीडिया एवं ज्ञान-विज्ञान के सभी क्षेत्रों में हिंदी की मान्यता स्वीकृत हो चुकी है | उन्होंने हिंदी भाषा और राष्ट्रीय एकता पर आगे बोलते हुए हिंदी को लेकर कैरियर बनाने के लिए उपलब्ध तमाम संभावनाओं पर विद्यार्थियों को जागरूक किया और कहा कि अब हिंदी में रोजगार की कमी नहीं है|

समारोह के विशिष्ट अतिथि कॉलेज प्रबंध समिति के चेयरमैन और वरिष्ठ पत्रकार संजय मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि अब हिंदी दोयम दर्जे की भाषा नहीं रह गई है | इसलिए इसको लेकर लोगों को शर्म नहीं बल्कि गौरव का अनुभव होना चाहिए | हिंदी की भूमिका राष्ट्रीय एकता स्थापित करने मे अतुलनीय रही है यह एक ऐसी भाषा है जो समस्त देश मे लोगों को जोड़ती है | काॅलेज के प्राचार्य डॉक्टर विपिन कुमार ने हिंदी के महत्व और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला | उन्होंने कहा कि अब हिंदी पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं सिर्फ साहित्य प्रेम के कारण नहीं बल्कि एक कैरियर /  रोजगार के रूप में हिंदी को अपना रहे हैं जो एक अच्छा संकेत है |

इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं- काव्य-पाठ, भाषण, स्लोगन आदि का आयोजन किया गया और विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए |